Notification

×

Swachh Gramin Survekshan : राष्‍ट्रपति ने स्‍वच्‍छ ग्रामीण सर्वेक्षण पुरस्‍कार प्रदान किये

रविवार, 2 अक्तूबर 2022 | अक्तूबर 02, 2022 WIB Last Updated 2022-10-02T11:03:21Z
    Share

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज नई दिल्‍ली में एक समारोह में स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2022 और जल जीवन मिशन कार्य निष्‍पादन मूल्‍यांकन पुरस्‍कार प्रदान किये। बड़े राज्‍यों की श्रेणी में स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण का पहला पुरस्‍कार तेलंगाना को, दूसरा हरियाणा और तीसरा पुरस्‍कार तमिलनाडु को दिया गया। छोटे राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों में अंडमान और निकोबार ने पहला पुरस्‍कार प्राप्‍त किया। दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को दूसरे स्‍थान के लिए, जबकि सिक्किम को तीसरे स्‍थान के लिए पुरस्‍कार मिला।


Swachh Gramin Survekshan


स्‍वच्‍छ र्स्‍वेक्षण ग्रामीण 2022 का उददेश्‍य स्‍वच्‍छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्‍तर्गत निर्धारित गुणवत्‍ता मानकों के आधार पर राज्‍यों और जिलों को उनके प्रदर्शन के लिए रैंकिंग प्रदान करना है।


कार्य निष्‍पादन मूल्‍यांकन पुरस्‍कार राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों में स्‍थानीय स्‍तर पर जल की उपयोगिता के क्षेत्र में प्रदर्शन के आकलन के बाद दिये जाते हैं। जल जीवन मिशन के अन्‍तर्गत प्रत्‍येक वर्ष घरों में जल आपूर्ति की स्थिति का मूल्‍यांकन किया जाता है। इस श्रेणी में पुद्दुचेरी को पहला पुरस्‍कार दिया गया। गोआ दूसरे और तमिलनाडु तीसरे स्‍थान पर रहे।

समारोह को सम्‍बोधित करते हुए राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्‍वच्‍छता के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान स्‍वच्‍छ भारत अभियान और जल जीवन मिशन ने एक सुरक्षा कवच का काम किया। उन्‍होंने कहा कि महात्‍मा गांधी का मानना था कि साफ-सफाई की आदत बचपन से ही डाली जानी चाहिए। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में देशभर के तीन लाख गांवों में ठोस और तरल अपशिष्‍ट के प्रबंधन का कार्य जारी है।

जलशक्ति मंत्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दस करोड ग्रामीण घरों में नल के जरिये सुरक्षित और साफ पेयजल उपलब्‍ध कराया गया है।

ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने महात्‍मा गांधी के सपनों को धरातल पर लोगों तक पहुंचाया है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

जुड़े श्रीराम दूत नेटवर्क से

लोकप्रिय पोस्ट