Notification

×

ad

ad

केन्‍द्र : संसद के बजट सत्र से पहले नई National Tourism Policy घोषित करेगा

सोमवार, 19 सितंबर 2022 | सितंबर 19, 2022 WIB Last Updated 2022-09-19T05:22:53Z
    Share

केन्द्र, संसद के बजट सत्र से पहले नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति लाएगा; नए आम्बेडकर टूरिस्ट सर्किट का शीघ्र शुभारम्भ

Hindi neww

केन्‍द्र, संसद के बजट सत्र से पहले नई राष्‍ट्रीय पर्यटन नीति घोषित करेगा। केन्‍द्रीय पर्यटन और संस्‍कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कल, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राज्‍यों के पर्यटन मंत्रियों के राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन को सम्‍बोधित करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रीय पर्यटन नीति विभिन्‍न पक्षों के साथ परामर्श और चर्चा के उपरांत घोषित की जाएगी।

  

श्री रेड्डी ने कहा कि राज्‍यों के पर्यटन मंत्रियों का राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन भारत में जी-ट्वेंटी की अध्‍यक्षता के संदर्भ में भी महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि जी-ट्वेंटी की बैठक विश्‍व में भारत की पर्यटन क्षमता को उजागर करने के लिए मंच के रूप में काम करेगी।


 उन्‍होंने यह भी बताया कि विभिन्‍न पर्यटन सर्किटों को बढ़ावा दिया जा रहा है और शीघ्र नए आम्‍बेडकर सर्किट का शुभारम्‍भ किया जाएगा। केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि हिमालय सर्किट को भी पर्यटन सर्किट के विकास की कार्य योजना के अंतर्गत बढ़ावा दिया जाएगा। 


कनेक्टिीविटी के महत्‍व पर बल देते हुए श्री किशन रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में हवाई अड्डों की संख्‍या 74 थी, जो अब बढ़कर 140 हो गई है।

 

श्री रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का लक्ष्‍य पर्यटन को बढावा देने में भारतवंशियों और अनिवासी भारतीयों को शामिल करना है। श्री मोदी ने प्रत्‍येक भारतवंशी से कहा था कि वह कम से कम पांच विदेशी नागरिकों को भारत यात्रा के लिए प्रेरित करें।


 पर्यटन क्षेत्र को कोविड-19 से सर्वाधिक क्षति पहुंची थी। इसे देखते हुए इस क्षेत्र को दी गई वित्‍तीय सहायता 31 मार्च 2023 तक जारी रहेगी।

     

राज्‍य पर्यटन मंत्रियों का तीन दिन का राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन कल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शुरू हुआ। इसका लक्ष्‍य भारत में पर्यटन के समग्र विकास के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चलाये जा रहे कार्यक्रमों, नीतियों और उपायों के बारे में राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के साथ विचार विमर्श करना है।


 राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का लक्ष्‍य उत्‍कृष्‍ट पद्धतियों, सफल परियोजनाओं और पर्यटन के अवसरों के बारे में विचार विमर्श के लिए एक मंच भी उपलब्‍ध कराना है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

जुड़े श्रीराम दूत नेटवर्क से

ad

लोकप्रिय पोस्ट