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मधुर आवाज बनाने के लिए 15 टिप्स

शनिवार, 5 जून 2021 | जून 05, 2021 WIB Last Updated 2021-06-05T17:41:22Z
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संगीत सुर, ताल और लय का संगम है। कर्णप्रिय आवाज हर किसी का मन मोह लेती है। कुछ भाग्यशाली ऐसे होते हैं जिनकी मधुर आवाज ईश्वर-प्रदत्त होती है।

फिर भी, कुछेक बातें ऐसी भी हैं जिसके नियमित पालन से आप भी अपनी आवाज सुरीली बना सकते/सकती हैं।

surili awaz kaise banaye


1. महिलाएं तेज आवाज में वार्तालाप करती हैं। ऐसा करने से वोकल कॉर्ड्स' पर बार-बार जोर पड़ता है और आवाज की मधुरता नहीं के बराबर हो जाती है। इसलिए बात करते समय चिल्लाइये नहीं अधिक सामान्य आवाज में बोलिये।

 

2. संगीत एक साधना है जिसे पाने के लिए कुछ आदतें छोड़नी पड़ती हैं। बहुत अधिक खट्टी चीजें खाने से (जैसे: इमली, कैथा, अचार, चटनी आदि) गले को नुकसान पहुंचता है।

 

3. खट्टे भोजन की ही तरह तले, चटपटे पदार्थ, आइसक्रीम बर्फ आदि का भी परहेज आवश्यक है। कभी मन चाहे तो खाए भी जा सकते हैं पर संतुलित मात्रा में।

 

4. सर्दी व खासी से अपने को बचायें। खासी की शिकायत से गाने में असुविधा होती है। रात देर तक जागने व बातें करने से गला बैठता है, आवाज भारी हो जाती है और आप दूसरे दिन तरोताजा महसूस नहीं करते। अतः समय पर सोये समय पर जागे ।

 

 6. नियमित रियाज़ अवश्य करें, पर एक सीमा से बाहर नहीं। अक्सर विद्यार्थी परीक्षा के पहले इतना रियाज कर बैठते हैं कि परीक्षा का समय आने तक गला बैठ जाता है।

 

7. बेहतर होगा कि रियाज मन्द व मध्य सप्तक में करें। तार सप्तक के बार-बार गाने से गले पर बहुत जोर पड़ता है।

 

 8. कार्यक्रम व परीक्षा से पहले नमक डले गुनगुने पानी का गरारा जरूर करें। इससे अंदर तक सेक पहुंचती है जिससे गले को बहुत राहत मिलती है। 


 

9. गर्म दूध में हल्दी डालकर पीने से गला साफ रहता है और खराश भी गायब हो जाती है। 

 

10. अगर आपको टांसिल की बार बार शिकायत रहती है तो तुरन्त ही किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श लें।

 

 11. मुलैठी, लौंग, इलायची खाने से गले में गरमाहट कायम रहती हैं। इसका सेवन, सिर्फ कार्यक्रम या परीक्षा से पहले करें।

 

12. मेवाती घराने के सुप्रसिद्ध गायक प. जसराज का कहना है, प्याज, लहसुन से मुक्त शुद्ध शाकाहारी भोजन मेरी आवाज का राज है। सात्विक भोजन से मन भी शांत रहता है। 

 

13. आपके आसपास का माहौल आपकी आवाज को मधुर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। प्रसन्नचित्त गायक प्रसन्न मन से कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकता है। 

 

14. आज प्रत्येक शहर में संगीत के विभिन्न विद्यालय खुले हैं जहां अच्छे गुरु के मार्गदर्शन से आप मधुर संगीत प्रस्तुत करने में सफल हो सकती हैं।

 

15. टी. वी. आकाशवाणी में निरंतर गायक-गायिकाओं को अच्छा गाने के लिए प्रोत्साहन मिलता रहता है। ऐसा करने से आपका मनोबल बढ़ेगा जो आपके लिए सफलता की पहली सीढ़ी है।

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