Notification

×

ad

ad

सफल जीवन का राज प्रेम short Motivational story in Hindi

शनिवार, 8 मई 2021 | मई 08, 2021 WIB Last Updated 2021-05-07T19:20:54Z
    Share

 एक औरत ने तीन संतों को अपने दरवाजे पर दस्तक देते हुए देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी, पर अतिथियों को अपने दरवाजे पर आया देखकर औरत ने कहा – “कृपया भीतर आइये और हमारा आतिथ्य स्वीकार करिए।” संत बोले – “क्या तुम्हारे पति घर पर हैं?” औरत – “नहीं, वे अभी बाहर गए हैं।” संत –“हम तभी भीतर आयेंगे जब तुम्हारे पति घर पर होंगे ।”

short Motivational story in Hindi


short Motivational story in Hindi


 शाम को उस औरत के पति घर आये। औरत ने दरवाजे पर बैठे संतों के बारे में सारी जानकारी दी। पति बोला – “जाओ और उनसे कहो कि मैं घर पर आ गया हूँ, उन्हें सादर आमंत्रित करो ।”


   औरत बाहर गई और उन्हें भीतर आने के लिए सविनय प्रार्थना की । संत बोले – “हम सब किसी भी घर में एक साथ नहीं जाते।”


       “पर क्यों?” – औरत ने पूछा। उनमें से एक संत ने कहा – “मेरा नाम धन है”, फिर दूसरे संतों की ओर इशारा करके कहा – इन दोनों के नाम सफलता और प्रेम हैं। हममें से कोई एक ही भीतर आ सकता है। आप घर के अन्य सदस्यों से मिलकर तय कर लें कि भीतर किसे निमंत्रित करना है।


Motivational story in Hindi


        औरत ने भीतर जाकर अपने पति को यह सब बताया। उसका पति बहुत प्रसन्न हो गया और बोला –“यदि ऐसा है तो हमें धन को आमंत्रित करना चाहिए। हमारा घर खुशियों से भर जाएगा। पत्नी ने अपनी राय देते हुए कहा – “मुझे लगता है कि हमें सफलता को आमंत्रित करना चाहिए।”


           उनकी बेटी दूसरे कमरे से यह सब सुन रही थी। वह उनके पास आई और बोली – “मुझे लगता है कि हमें प्रेम को आमंत्रित करना चाहिए। प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं हैं। ”तुम ठीक कहती हो, हमें प्रेम को ही बुलाना चाहिए – उसके माता-पिता ने कहा।


       औरत घर के बाहर गई और उसने संतों से पूछा – “आप में से जिनका नाम प्रेम है वे कृपया घर में प्रवेश कर हमारा आतिथ्य स्वीकार करें। ”प्रेम घर की ओर बढ़ चले। बाकी दो संत भी उनके पीछे पीछे चलने लगे।


     औरत ने आश्चर्य से उन दोनों से पूछा – “मैंने तो सिर्फ प्रेम को आमंत्रित किया था, आप लोग भीतर क्यों जा रहे हैं?”


         उनमें से एक ने कहा –यदि आपने धन और सफलता में से किसी एक को आमंत्रित किया होता तो केवल वही भीतर जाता। आपने प्रेम को आमंत्रित किया है। प्रेम कभी अकेला नहीं जाता। प्रेम जहाँ-जहाँ जाता है, धन और सफलता उसके पीछे-पीछे जाते हैं, अतः जहां प्रेम का वास होता है वहां हमें जाना ही पड़ता है।


          प्रेम के साथ रहें, प्रेम बाटें, प्रेम दें और प्रेम लें, क्योंकि प्रेम ही सफल जीवन का राज है।


सीधे आपके Whatsapp (वाट्सऐप) में अभी ज्वाइन करे ,... और अधिक जानकारी के लिए हमे ट्विटर में फ़ॉलो करे

SRDnews टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है। यहां क्लिक करके आप सब्सक्राइब कर सकते हैं।

ad

लोकप्रिय पोस्ट