Notification

×

ad

ad

शिवलिंग पर क्यो चढ़ाते हैं बेलपत्र, जानें इसके पीछे की कथा

गुरुवार, 11 मार्च 2021 | मार्च 11, 2021 WIB Last Updated 2021-04-01T09:36:02Z
    Share

@Mahashivratri 2021 :~





हर हर महादेव




सावन का महीना हो या फिर महाशिवरात्रि का त्योहार शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है और हर कोई शिवलिंग पर जल के साथ बेलपत्र अवश्य चढ़ाता है. तो आखिर शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने के पीछे का कारण क्या है, पौराणिक कथा से जानें.





सावन का महीना हो या फिर महाशिवरात्रि का त्योहार शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है और हर कोई शिवलिंग पर जल के साथ बेलपत्र अवश्य चढ़ाता है. तो आखिर शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने के पीछे का कारण क्या है, पौराणिक कथा से जानें.
खास बातें।
भगवान शिव को बेहद प्रिय है बेलपत्र
शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से जुड़े कुछ नियम हैं
शिवजी पर इन वजहों से चढ़ाया जाता है बेलपत्र
नई दिल्ली: जब बात भगवान शिव (Lord Shiva) की सबसे प्रिय चीजों की आती है तो उसमें सबसे पहले बेलपत्र (Bel Patra) का नाम आता है. यह बात तो हम सभी जानते हैं कि बेलपत्र भगवान शिव को बेहद प्रिय है और शिवलिंग (Shivlinga) पर बेलपत्र चढ़ाए बिना पूजा को पूर्ण नहीं माना जाता. ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और श्रद्धालु को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इसलिए अगर आप भी भोलेनाथ की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो 11 मार्च गुरुवार को महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के मौके पर भगवान शिव को बेलपत्र जरूर चढ़ाएं. लेकिन आखिर शिवजी को बेलपत्र इतना प्रिय क्यों है, यहां पढ़ें इसका महत्व और इसके पीछे की पौराणिक कथा.









बेलपत्र का महत्व ÷





बेलपत्र में तीन पत्तियां एक साथ जुड़ी होती हैं जिसको लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. तीन पत्तों को कहीं त्रिदेव (सृजन, पालन और विनाश के देव ब्रह्मा, विष्णु और शिव) तो कहीं तीन गुणों (सत्व, रज और तम) तो कहीं तीन आदि ध्वनियों (जिनकी सम्मिलित गूंज से ऊं बनता है) का प्रतीक माना जाता है. बेलपत्र की इन तीन पत्तियों को महादेव की तीन आंखें या उनके शस्त्र त्रिशूल का भी प्रतीक माना जाता है.






ad

लोकप्रिय पोस्ट