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Chinese मांझे से कई बच्चे इस साल फिर हुए घायल

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021 | जनवरी 15, 2021 WIB Last Updated 2021-04-01T09:35:24Z
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मकर संक्रांति हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है पर इस त्योहार पर पतंगबाजी के चक्कर में कई बच्चों की जान पर खतरा मंडराता है चाहे वह चाइनीस मांझे की बात हो या पतंगबाजी के चक्कर में छत से नीचे गिरने की। हर साल कई घटनाएं मकर संक्रांति पर होती है। इस बार भी चाइनीस मांझी और पतंगबाजी के चक्कर में कई घटनाएं सामने आई है। मकर संक्रांति पर पतंगबाजी में इस्तेमाल की जाने वाली चाइना मांझा से एक 12वीं के एक छात्र का जीवन संकट में आ गया। डोर से उलझ कर गला कट गया। और एक इंच गहरा घाव हुआ है। खून से लथपथ में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसे 11 टांके लगाने पड़े हैं। तब कहीं जाकर खून का रिसाव बंद हो पाया है।


वहीं, दूसरी ओर पतंगबाजी के कारण तीन लोग छत से गिरे, जिसमें एक आठ साल के बच्चे की बेहद हालत गंभीर है। निवासी आठ साल का अयान पिता अल्ताफ बेग भी गुरुवार को छत से गिर पड़ा। उज्जैन के केडी गेट के पास स्थित तोस फैक्टरी में काम करने वाला मुकेश पिता रामलाल भी गुरुवार को छत पर पतंग उड़ाते हुए नीचे गिर गया। दोनों को ज्यादा चोट नहीं आई। प्राथमिक उपचार के दोनों को छोड़ दिया गया। एक बच्ची मां के साथ महाकाल के दर्शन कर स्कूटी से वापस लौट रही थी । बच्ची पाबंदी के बावजूद बाजार में बेचे जा रहे चायना के मांझे से चार साल की बालिका घायल हो गई। मांझे से उसका गाल व होंठ भी कट गए। बच्ची को परिजन ने निजी अस्पताल में भी भर्ती किया । उसे 12 टांके लगे हैं। वह खाना भी नहीं खा पा रही है।


कमरी मार्ग,तोपखाना, मिल्कीपुरा, केडीगेट, खंदार मोहल्ला, लोहे का पुल क्षेत्र में कई जगह हर साल चोरी छिपे चायना मांझा बेचा जाता है। इससे लोग हादसे का शिकार होते हैं। मालीपुरा निवासी सोनाली परमार शाम चार बजे करीब बेटी के साथ महाकाल दर्शन कर स्कूटी से घर लौट रही थी इसी दौरान लोहे के पुल के पास मांझा गाड़ी के पहिए में उलझने के बाद आगे खड़ी 4 साल बच्चे के गले को खरोंचता होठ तक पहुंचा। तो बच्ची के चीखते ही मां ने गाड़ी के ब्रेक लगा दिए । जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। परिजन बोले-मांझा बेचने वालों पर रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए। एडिशनल एसपी अमरेंद्रसिंह चौहान ने इस संदर्भ में कहा कि चायना का मांझा अगर कोई बेचते पाया गया तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। देश के कई कोनों पर मकर संक्रांति पर उड़ाई जाने वाली पतंगों में इस्तेमाल होने वाले चाइनीस मांझी के कारण कई बच्चों की जान खतरे में आई।

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