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32 साल बाद भारत ने टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया से मारी बाजी

बुधवार, 20 जनवरी 2021 | जनवरी 20, 2021 WIB Last Updated 2021-04-01T09:35:32Z
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टीम इंडिया द्वारा मंगलवार को ब्रिस्बेन में टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया गया । ऑस्ट्रेलिया में अपना सबसे बड़ा 328 रन का टारगेट चेज करते हुए भारत ने वनडे स्टाइल में बैटिंग शुरू की और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इससे पहले भारत ने 2003 में एडिलेड टेस्ट में 233 रन का एक बड़ा टारगेट चेज किया था ।

अब ठीक एक महीने पहले मतलब 19 दिसंबर को भारत को पहले टेस्ट में करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस टेस्ट में टीम 36 रन पर ऑलआउट हो गई थी। आज 19 जनवरी को टीम ने सीरीज जीत ली। भारत को यह जीत ऐसे हालात में हासिल हुई है, जब कप्तान विराट कोहली पैटरनिटी लीव पर जा चुके थे और टीम के 7 खिलाड़ी इंजर्ड हो चुके थे।

Match summary

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी: 369 रन
भारत की पहली पारी: 336 रन (ऑस्ट्रेलिया को 33 रन की
बढ़त)

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी: 294 रन (भारत
को टारगेट) :328 रन
भारत की दूसरी पारी: 329 रन (मैच 3 विकेट से जीता)

भारत दूसरी पारी: 329 रन (मैच 3 विकेट से जीता)

शुभमन, पुजारा और पंत ने पारी को संभाला
आखिरी दिन टीम इंडिया को 100 ओवर में जीत के लिए 324 रन
और चाहिए थे। हालाकि शुरुआत अच्छी नहीं रही। जिसमें 18 रन पर पहला
विकेट गिर गया, जब रोहित शर्मा 7 रन बनाकर पैट कमिंस की
बॉल पर ही आउट हो गए। उनके बाद शुभमन 146 बॉल पर 91 रन
की पारी खेलकर आउट हो गए थे।

चोटिल होने के बावजूद भी पुजारा ने 211 बॉल में 56 रन बनाकर
लंबे समय तक अपना विकेट बचाए रखा। उन्हें कई बार बाउंसर
का सामना करना पड़ा। इससे उनका हेलमेट भी डैमेज हुआ। आखिर
में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने उन्हें आउट कर किया।
पर ऋषभ पंत (89) आखिर तक डटे रहे। पंत को मैन ऑफ द मैच
चुना गया। सीरीज के 4 मैच में सबसे ज्यादा 21 विकेट लेकर
कमिंस मैन ऑफ द सीरीज रहे।

मैच के 3 turning point
1. पहली पारी में सुंदर-शार्दूल के बीच 123 रन की पार्टनरशिप
ऑस्ट्रेलिया के 369 रन के जवाब में टीम इंडिया ने पहली पारी
में 186 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद शार्दूल ठाकुर
और वॉशिंगटन सुंदर ने 7वें विकेट के लिए 123 रन के साथ अदभूत पार्टनरशिप की। इससे भारत 336 रन बना सका। यदि यह
पार्टनरशिप नहीं होती तो शायद ऑस्ट्रेलिया को 33 की बजाय ज्यादा
रन की लीड मिल सकती थी।

2. दूसरी पारी में शुभमन-पुजारा के बीच 114 रन की
पार्टनरशिप की । जिसमें 328 रन का टारगेट मिलने के बाद शुभमन ने पुजारा के साथ 240 बॉल पर 114 रन की पार्टनरशिप की। यहां से भारतीय ने पारी संभली और बल्लेबाजों को तेज खेलने का मौका मिला।

3. आखिरकार 10 ओवर में 6.4 के रनरेट से रन बनाए
टीम इंडिया जब टारगेट चेज कर रही थी, तब उसने 132 रन पर
2 विकेट गंवा दिए थे। टीम को 52 ओवर में जीत के लिए 196
रन चाहिए थे। यहां से कप्तान अजिंक्य रहाणे ने तेज पारी खेलने
की शुरुआत की। उन्होंने 22 बॉल पर 24 रन बनाए।
और एक चौका भी लगाया। मयंक ऊपर 5वें नंबर पर
आखिर तक टिके रहे। उन्होंने 89 रन की नाबाद पारी खेली।

प्लेयर रिकॉर्ड: पंत ने धोनी और शुभमन ने गावस्कर को भी पीछे
छोड़ा

ऋषभ पंत के सबसे कम टेस्ट पारियों में एक हजार रन बनाने
वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए। उन्होंने महेंद्र सिंह
धोनी को भी पीछे छोड़ दिया। पंत ने 27 पारियों में यह उपलब्धि
हासिल की, जबकि धोनी के द्वारा 32 पारियां खेली थीं।

शुभमन चौथी पारी में फिफ्टी लगाने वाले अब सबसे युवा भारतीय ओपनर बन गए है । उन्होंने पूर्व भारतीय ओपनर सुनील गावस्कर का भी 50 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। फिलहाल, शुभमन की उम्र अभी 21 साल और 133 दिन है। वहीं, गावस्कर ने पहले 21 साल और 243 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।