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Current affairs of 2020 on geography

गुरुवार, 31 दिसंबर 2020 | दिसंबर 31, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:35:02Z
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पर्यावरण
1) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल)- राष्ट्रीय हरित अधिकरण के गठन को 10 वर्ष पूर्ण हुए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम ,2010 के अंतर्गत एक संवैधानिक एवं अर्ध न्यायिक निकाय है । जिसका उद्देश्य पर्यावरण, वन एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण आदि से संबंधित मामलों का प्रभावी और त्वरित निपटान सुनिश्चित करना है। और इसका निर्देशन प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों पर होता है । भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अध्यक्ष होते हैं। एवं न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया जा सकता है पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण में पुनः नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होते हैं।
2) चेतावनी प्रणाली चक्रवात की- भारत मौसम विभाग ने एक गतिशील एवं प्रभाव आधारित चक्रवात चेतावनी प्रणाली को प्रारंभ करने की योजना बनाई है। यह जनसंख्या और पुलिस थाने के संबंधित आंकड़ों के साथ मौसम की सभी आंकड़ों का चेतावनी देगा।
3) संस्थानों मैं दी जाने वाली सहायता में कटौती- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्यरत पांच प्रमुख पर्यावरण व वन्यजीव संस्थानों को प्रदान की जाने वाली सहायता में कम करने हेतु वित्त मंत्रालय द्वारा यह घोषणा की गई।भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, देहरादून, भारतीय वन्यजीव संस्थान, भोपाल, भारतीय प्लाईवुड उद्योग अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान, बेंगलुरु, सीपीआर पर्यावरण शिक्षा केंद्र, चेन्नई पर्यावरण शिक्षा केंद्र, अहमदाबाद।
4) ग्रीन बिल्डिंग कांग्रेस, 2020- भारत के उपराष्ट्रपति ने भारतीय उद्योग परिसंघ की “ ग्रीन बिल्डिंग कांग्रेस 2020” का उद्घाटन किया । ग्रीन बिल्डिंग का तात्पर्य ऐसी इमारत जिसका डिजाइन, निर्माण, संचालन द्वारा हमारे जलवायु प्राकृतिक व पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को, सकारात्मक प्रभाव के सृजन में सहायता करती है।
5) पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल,2020- मार्च 2020 में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में इस विधेयक को पुनः स्थापित किया गया था। हाल ही में कुछ विशेषज्ञों ने इस बिल के कुछ प्रावधान के विषय में कुछ चिंता जाहीर की है । जो किसानों की आजीविका को प्रभावित कर सकती हैं।
6) सल्फर डाईऑक्साइड प्रदूषण- ग्रीनपीस इंडिया तथा उर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र के विश्लेषण पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2019 के दौरान सल्फर डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में गिरावट आई हैं।
7) पर्यावरण प्रभाव आकलन 2020 का मसौदा- पर्यावरण वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन 2020 जारी किया गया। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 2006 को प्रतिस्थापित किया गया है।
8) यू. एन. जैव विविधता शिखर सम्मेलन- हाल ही में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता शिखर सम्मेलन में भारत ने भाग लिया । यह संयुक्त राष्ट्र महासभा में आयोजित अपनी तरह का पहला आयोजन था । जिसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा के लक्ष्यों के तत्वाधान में किया गया था । इस सम्मेलन का विषय था सन धारणीय विकास के लिए जैव विविधता पर त्वरित कार्रवाई।
9) ब्लू फ्लेग – हाल ही में डेनमार्क स्थित एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन द्वारा कर्नाटक के कासरकोड एवं पदुबिद्री पुलिन (beaches) यानी की विशेष को ब्लू फ्लैग का टैग प्रदान किया गया है। पहले भी भारत के कई पुलिनो को ब्लू फ्लैग का दर्जा दिया जा चुका है। ब्लू फ्लेग एक इको पर्यटन मॉडल हैं।
10) समुद्री घास- वैज्ञानिकों का यह दावा किया गया है कि अगर समुद्री घाटों का बचाव और संरक्षण एवं उनकी पूर्ण स्थापना की जाए तो कई जलवायु परिवर्तन संबंधी चुनौतियों को हम कम कर सकते हैं क्योंकि समुद्री घास एक सागरी पुष्पी प्रतिपादक होते हैं । यह जड़, तना और पत्तियों वाला पौधा है जो फूल एवं बीज उत्पन्न करता है।