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जानिए क्रिसमस का सही अर्थ Christmas day 2020

सोमवार, 21 दिसंबर 2020 | दिसंबर 21, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:34:50Z
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Christmas day : क्रिसमस (जन्म का पर्व) प्रस्तावना - दिसंबर महीने में ईसाई लोगों के द्वारा हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस (Christmas Day) मनाया जाता है। क्रिसमस के नाम पर प्रभु यीशु की आराधना करते हैं । Christmas पर प्रभु यीशु का जन्म हुआ था। और इसी खुशी में क्रिसमस (Christmas Day)मनाया जाता है।

Christmas day 2020


चौथी शताब्दी की शुरुआत में चर्च ने 25 दिसंबर तारीख तय की थी यह रोमन कैलेंडर पर शीतकालीन संक्रांति की तारीख से मेल खाती है. युसूफ ,मरियम ,परमेश्वर के स्वरूप चरवाहा ज्योतिष, तारा ,सैंटा क्लॉस एक भाग के रूप में क्रिसमस पर सम्मिलित होते हैं और उन्हें कई तरह से सजाया जाता है |
True meaning of christmas यीशु मसीह - क्रिसमस का सही अर्थ है कि यीशु मसीह आपके हृदय में जन्म लेना। यीशु मसीह का उद्धार पाना यीशु मसीह की शांति का अनुभव करना , इस महीने में यीशु मसीह के ओर करीब आकर उनके ज्ञान को अनुभव करना चाहिए। यीशु मसीह के बिना Christmas day 2020 क्रिसमस डे मनाना व्यर्थ है। आत्मिक जीवन में अपने आप को टिक कर के यीशु मसीह के द्वारा दी गई आशीशों को पाना ही इस क्रिसमस का मुख्य उद्देश्य हैं। परमेश्वर की रचना में लिखा है कि, आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है ,शांति हो।

Meaning of Christmas - क्रिसमस का अर्थ है प्रेम क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपने एक लोटे पुत्र को दे दिया ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें उसका नाश ना हो बल्कि अनंत जीवन पाए और यीशु मसीह ने स्वर्ग कि महिमा छोडी। और हमारे बीच वास किया । उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्होंने पहले हमसे प्रेम किया। क्रिसमस का अर्थ है कि हम सब उसके अद्भुत और अविश्वसनीय प्रेम को एक दूसरे के साथ बांट सकें।
परमेश्वर ने यीशु मसीह मनुष्य के रूप में जन्म लिया । लेकिन इतना महान परमशक्तिमान ने सिर्फ इसलिए किया क्योंकि वह हम से प्रेम करता है।

रोमन 3:23- इसलिए कि सबने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से वह इस धरती पर इसलिए मनुष्य के रूप में जन्म लिया। ताकि वह हमें राह दिखा सके ,और वह हमारे लिए एक आदर्श बन सके ताकि हम भी पाप रहीत जीवन व्यतीत कर सकें परमेश्वर के साथ दोबारा रिश्ता जोड़ सकें और उनके साथ अनंत काल तक जी सके। जगत उसके द्वारा उधार पाए। और Christmas इसलिए बनाया जाता है ताकि हम परमेश्वर को कृतज्ञता दे सकें।
हम क्रिसमस पर इसलिए एक दूसरे को तोहफा देते हैं ताकि हम यह याद कर सके परमेश्वर ने हमें कितना बड़ा तोहफा दिया है।

What is santa claus | Christmas day 2020


सांता क्लॉज़- सांता का नाम लेते ही बच्चों की खुशी दोगुनी हो जाती है क्योंकि जब कोई तोहफा अचानक मिलता है तो खुशी दोगुनी ही होनी है। और सांता क्लॉस santa claus के बिना क्रिसमस अधूरा है क्योंकि बच्चों के लिए क्रिसमस का मतलब जानता है और सांता यीशु के जन्मदिन पर बच्चों के लिए और जरूरतमंदों को तो फिर बांटता है पर बाइबिल में कहीं भी सांता का नाम आता ही नहीं है इसलिए सांता जीसस तो नहीं है क्रिसमस येशु के कई साल बाद मनाया गया था जैसुस के जीते जी उनके अनुयाई क्रिसमस को नहीं मनाते थे

सैंट निकोलस की कहानी |Christmas day


सांता को लेकर सबसे पहली कहानी है यह बताई जाती है वह सैंट निकोलस की कहानी निकोलस का जन्म तीसरी सदी में जीसस के मृत्यु के 280 साल बाद हुआ था सैंट निकोलस के माता पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था जिसके बाद उन्होंने अपना जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया था
उन्हें लोगों की मदद करना काफी अच्छा लगता था । वह गरीब बच्चों को तोहफे दिया करते थे सैंट निकोलस ही सांता है यह सांता को लेकर पहली कहानी है

Christmas day पर क्या किया जाता है


क्रिसमस पर उपहार देना ,परिवार और अन्य सामाजिक स्तर पर समारोह आयोजित किया जाता है । प्रतीकात्मक सजावट की जाती है ।कई लोगों को दावत दी जाती है इस पर चर्च में क्रिसमस ट्री को सजाया जाता है।Christmas day के दिन लुथरन चर्चों में त्यौहार का दिन होता हैं। इस दिन दुनिया भर के ईसाई विभिन्न प्रकार के सजावट स्थानीय परंपरा और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर क्रिसमस का त्योहार मनाती है क्रिसमस की सजावट के पारंपरिक रंग हैं।लाल ,हरे और सुनहरे ।क्योंकि लाल यीशु के रक्त का प्रतीक है जो उसके क्रूस ने बहाया था। जबकि हरा अनंत जीवन का प्रतीक है और विशेष रूप से सदाबहार पेड़ जो सर्दियों में अपने पत्ते नहीं होता और और सुनहरा रॉयल्टी का प्रतीक।