Notification

×

ad

ad

कृषि के नए कानून पर किसान आंदोलन जारी....

शनिवार, 26 दिसंबर 2020 | दिसंबर 26, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:34:54Z
    Share
नरेंद्र मोदी और किसान आंदोलन
नरेंद्र मोदी के किसानों को संबोधन दिया और साथ ही किसानों से चर्चा भी की । क्योंकि किसानों का आंदोलन दिन पर दिन अग्रसर होता जा रहा है जिसमें कई राजनीतिक पार्टी होने की आशंका जताई जा रही है। पर नए कानून से कई किसान भी नाराजगी बताई जा रही।
प्रक्रिया की शुरुआत तब हुई जब केंद्र ने किसानों को को चिट्ठी लिखी।

सरकार ने गुरुवार को एक चिट्ठी लिखकर किसानों से
बातचीत के लिए दिन और समय तय करने की कहा।
किसानों के उलझन को हल करने के लिए सरकार गंभीर है। सरकार ने यह भी बोला कि (एमएसपी) मिनिमम सपोर्ट प्राइज से जुड़ी मांग जो नए कृषि कानूनों के दायरे से बाहर है, वह बातचीत में शामिल नहीं होगा।

सरकार ने 20 दिसंबर को भी किसान के नेताओं को लेटर लिखकर बातचीत का समय तय करने को बोला था,पर जिसे किसानों ने खारिज कर दिया था।

इससे पहले सरकार की लेटर पर शुक्रवार को किसानों के बीच
बातचीत हो गई थी। मीटिंग में कुछ किसानों ने मामले को सुलझाने के लिए सरकार से बात फिर से शुरू करने के संकेत दिए।
किसान संगठनों के मुताबिक, वे आज फिर से मीटिंग करेंगे,
जिसमें वह केंद्र सरकार के बातचीत के न्यौते पर फैसला लिया जा सकता है।

हरियाणा राज्य में 27 दिसंबर तक सभी टोल फ्री रहेंगे

हरियाणा राज्य में किसानों ने शुक्रवार से टोल फ्री कर दिए जाएंगे यह 27 दिसंबर तक जारी रहेगा। उधर, भारतीय किसान
यूनियन ने कानूनों को खत्म करने की मांग को लेकर
सुप्रीम कोर्ट में अपील कीथी। भाकियू (भानु) गुट पहले ही
सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके है। हो सकता है कि दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ हो ।

किसानों के मुद्दे पर 7 अमेरिकी सांसदों ने भी पत्र लिखा है।
अमेरिका के 7 सांसदों ने विदेश मंत्री माइक को लेटर
लिखा है। इनमें भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल को भी शामिल
हैं। पत्र में माइक से अपील की गई है कि वे किसान आंदोलन
के मुद्दे पर भारत की सरकार से बातचीत करें। चिट्ठी में लिखा है कि किसान आंदोलन की वजह से कई भारतीय-अमेरिकी परेशान हो रहे हैं। क्युकी उनके रिश्तेदार पंजाब या भारत के दूसरे राज्यों में रह रहे हैं।


राजस्थान में 2 लाख किसानों के साथ दिल्ली कूच करेंगे
आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के
संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में हजारों
किसान और RLP के कार्यकर्ता आज राजस्थान से दिल्ली कूच
करेंगे। इसके लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों से आ रहे किसान
जयपुर जिले में दिल्ली हाइवे पर कोटपूतली में एकत्रित होंगे।
यहां से सभी बेनीवाल के साथ शाहजहांपुर बॉर्डर की ओर रवाना
होंगे। फिलहाल यहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगा दी गई है।


हरियाणा में किसानों ने शुक्रवार से टोल फ्री कर दिए। यह
सिलसिला 27 दिसंबर तक जारी रहेगा। उधर, भारतीय किसान
यूनियन (लोक शक्ति) ने कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर
सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी। भाकियू (भानु) गुट पहले ही
सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ
हो सकती है।
पंजाब के फगवाड़ा में अटल बिहारी वाजपेई की जयंती के लिए बीजेपी के कई नेता वहां पहुंचे थे पर किसानों के उग्र आंदोलन के कारण पुलिस की सुरक्षा में नेताओं को होटल में पीछे के दरवाजे से निकालना पड़ा उधर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में भी पुलिस को बैरीकेड लगाकर किसानों के प्रदर्शन को रोकना पड़ा। और दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर‌ पुलिस ने बंद कर दी थी। रेल मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि किसानों के पास कोई तर्क नहीं है इसलिए बातचीत करने से कतरा रहे हैं। रक्षा मंत्री का कहना है कि किसान अपने साथ कृषि विशेषज्ञों को भी साथ ला सकते हैं। लेकिन किसानों का कहना है कि सरकार गोल मटोल बातें करके मामले को और उलझा रही है।