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बिहार का पहला 200 फीट ऊंचा ग्लास स्काई वॉक ब्रिज तैयार

गुरुवार, 24 दिसंबर 2020 | दिसंबर 24, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:34:53Z
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बिहार का पहला 200 फीट ऊंचा ग्लास स्काई वॉक ब्रिज तैयार

बिहार के राजगीर में 200 फीट का ऊंचा ग्लास ब्रिज बनाया गया है ।जो बिहार राज्य का पहला ग्लास ब्रिज है। और देश का दूसरा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नए साल के उपलक्ष्य में इसका शुभारंभ पर्यटकों के लिए कर दिया जाएगा।पहला ग्लास ब्रिज सिक्किम के पोलिंग में स्थित हैं।
बिहार राज्य अपने पर्यटन क्षेत्र को और बढ़ाने के लिए और उसे बल देने के लिए यहां पर 200 फीट की ऊंचाई पर एक ग्लास ब्रिज बनाया गया है जो बिहार के राजगीर में बनाया गया है।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगिर में ,जाड़े के दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं इसलिए यहां के घने जंगलों में नेचर सफारी (500 एकड़) भी बनाया जा रहा है और यहीं पर स्थित है ग्लास स्काइब्रिज जो पूरी तरह तैयार हो चुका है । और यह पूरी तरह शीशा और स्टील के फ्रेम से बना हुआ है ।

चीन में स्थित ग्लास ब्रिज काफी प्रसिद्ध है और इसका वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है यह सबसे दुनिया का सबसे बड़ा ग्लास ब्रिज है चीन का ब्रिज दो जगहों को जोड़ता है। पर बिहार का ग्लास ब्रिज हैंगिंग ब्रिज है बिहार का ग्लास ब्रिज 85 फीट लंबा और 6 फीट चौड़ा ब्रिज है और इस ब्रिज पर एक साथ 40 लोग एक समय में आसानी से घूम सकते हैं। इसके नीचे काफी घना जंगल मौजूद है

बिहार राज्य के लिए राजगिर क्षेत्र पर्यटन के हिसाब से बहुत ही महत्वपूर्ण क्षेत्र है। राजगीर सुंदर पहाड़ियों से घिरा बिहार का एक क्षेत्र है ग्लास ब्रिज बनने से यहां का पर्यटन और भी बढ़ जाएगा जैसे सफारी एडवेंचर आदि जैसे कई गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा । बिहार राज्य यह कोशिश कर रहा है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय स्तर से पर्यटक यहां आएं । राजगीर हिल्स को राजघर हिल्स भी कहा जाता है । क्योंकि प्राचीन काल में यहां बहुत बड़े-बड़े साम्राज्य रह चुके हैं जिनकी राजधानी राजगीर ही थी। यह बिहार के मध्य क्षेत्र में स्थित है । राजगीर के आसपास स्थित पांच पहाड़ियों के नाम रत्नागिरी, विमलाचल हिल्स, विभागिरी हिल्स ,सोनगिरी हिल्स और उदयगिरि हिल्स हैं। यहां पर बुद्ध, हिंदू ,जैन धर्म के भी धार्मिक स्थल मौजूद है यहां की पहाड़ियां दो समांतर रिजेस से बनी है जो 65 किलोमीटर तक लंबी है यहां की सबसे ऊंची पहाड़ी 380 मीटर है और लगभग सभी पहाड़िया 300 मीटर से ऊंची ही है और इन दो समांतर पहाड़ियों के बीच में कई सारे ऐतिहासिक स्थल मौजूद है जो महाभारत काल से ,गौतम बुद्ध महावीर ,गुप्ता और मौर्य साम्राज्य का संबंध भी इसी स्थल से हैं। नालंदा यूनिवर्सिटी भी यही पर स्थित है |
नया ग्लास ब्रिज नालंदा फॉरेस्ट डिविजन के अंतर्गत आता है यहां पर और भी कई सुविधाएं सम्मिलित की जावेगी |
यहां नालंदा यूनिवर्सिटी वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है हर साल दुनिया भर से कई पर्यटक यहां आते हैं। यह एक ऐतिहासिक स्थल है और यह बिहार की राजधानी पटना से 95 किलोमीटर दूर है। 200 फुट की ऊंचाई पर बने इस ट्रांसपेरेंट ब्रिज पर चलना लोगों के लिए एक मजेदार एडवेंचर साबित होगा। रोपवे के जरिए चलने वाले ग्लास के केबिन भी यहां बनाए जाएंगे ताकि जंगल में आसानी से घूम सके और बताया जा रहा है कि एक केबिन में 8 लोग आराम से बैठ सकते हैं और यह 750 मीटर की दूरी को 5 मिनट में पर्यटक को यात्रा करवा देगा। राजगीर के वेणुवन के अंतर्गत जू सफारी और नेचर सफारी का शुभारंभ भी होगा।

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