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मध्‍य प्रदेश के बंद पड़े सरकारी स्कूलों में अब लागू होगा व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन

मंगलवार, 8 सितंबर 2020 | सितंबर 08, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:33:39Z
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Mp news :- सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बीते पांच माह से बंद पड़े सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई बेहतर ढंग से हो इसके लिए व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रक्रिया के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई करनी होगी।





इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र आयुक्त ने निर्देश जारी करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि यह प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।





व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को वाट्सएप के माध्यम से हिंदी और गणित के प्रश्न पूछे जाएंगे इन प्रश्नों को हल करने के लिए एक हफ्ते का समय विद्यार्थियों के पास रहेगा। अगर विद्यार्थी चार से पांच दिन में प्रश्नों को हल कर लेता है तो उसे शिक्षक द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। हर सप्ताह प्रतियोगिताएं इस प्रक्रिया के तहत हर सप्ताह प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।





प्रतियोगिता के तहत बच्चों से 10-10 सवाल हिंदी और गणित के पूछे जाएंगे। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को वाट्सएप ग्रुप में ही प्रोत्साहित कर शाबाशी दी जाएगी।





मध्यप्रदेश में केवल 5 जगह यह योजना लागू होगी





भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और रायसेन जिले में यह व्यवस्था पहले लागू होगी। इसके तहत भोपाल राज्य शिक्षा केंद्र से अधिकारियों के वाट्सएप मोबाइल नंबर शिक्षकों को दिए जाएंगे। जिसे शिक्षकों को बेस्ड व्हाट्सएप असेसमेंट के नाम से सेव करना होगा शिक्षक बाद में बच्चों व उनके पालकों को भी इसी नाम से नंबर सेव कराएंगे।





मध्यप्रदेश के स्कूलों में शिक्षा का सुधारे जाने हेतु तेज गति से किया जा रहा प्रयास





सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बीते पांच माह से बंद पड़े सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई बेहतर ढंग से हो इसके लिए व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रक्रिया के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई करनी होगी।





इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र आयुक्त ने निर्देश जारी करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि यह प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।





अभिभावकों तक पहुचाने की शिक्षकों की यह जिम्मेदारी





सही दिशा निर्देश और लिंक प्राप्त करने के बाद इसकी जानकारी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों तक पहुंचाएंगे।





मूल्यांकन पूरा करने में विद्यार्थियों की मदद करेंगे।
यह प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू हो इसके लिए शिक्षक अभिभावकों के संपर्क कर उन्हें जागरूक करेंगे।
पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों की मदद करेंगे अभिभावक व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत कक्षा पहली और दूसरी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की मदद उनके माता-पिता, भाई-बहन कर सकेंगे क्योंकि इन कक्षाओं के बच्चे मोबाइल चलाने में इतने सक्षम नहीं होते हैं इसलिए उनकी मदद के लिए अभिभावक आगे आ सकते हैं।





इनका कहना है





अजय दुबे, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जबलपुर का कहना है कि
हमारा घर, हमारा विद्यालय योजना के तहत व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन अभी भोपाल सहित पांच जिलों में शुरू हो रहा है। इसके बाद यह जबलपुर और अन्य जिलों में भी लागू होगा इसके दिशा निर्देश वीडियो कांफ्रेंसिंग में मिल चुके हैं।