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राजनीतिक दलों को बताना होगा,आपराधिक प्रकृति वाले को क्यों बनाया जाए उम्मीदवार-मध्यप्रदेश चुनाव आयोग

शनिवार, 19 सितंबर 2020 | सितंबर 19, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:33:55Z
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भोपाल. मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों ने जहां रैलियां शुरू कर दी हैं। वहीं, दूसरी तरफ निर्वाचन आयोग भी तैयारियों में लगा हुआ है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि प्रदेश में होने वाले विधानसभा उप चुनाव के लिए राजनीतिक दलों द्वारा यदि स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति के स्थान पर आपराधिक प्रकृति के व्यक्ति को प्रत्याशी के रूप में चयन किया जाता है तो इसका उन्हें कारण बताना होगा।





इन्होंने बताया





उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश प्रमोद कुमार शुक्ला ने इस संबंध में बताया गया कि आपराधिक प्रकृति के व्यक्ति का प्रत्याशी के रूप में चुनाव करने पर राजनीतिक दलों को 48 घंटे के अंदर या नॉमिनेशन के 2 सप्ताह पहले जो भी पहले हो में उनके चयन का कारण बताना होगा। राजनीतिक दलों को इसका निर्धारित फॉर्मेट सी-2 में समाचार पत्रों, टीवी, पार्टी की वेबसाइट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीन बार प्रकाशन-प्रसारण कराना होगा।





अब दल के उम्मीदवारों को अपने आपराधिक मामलों को सामूहिक करना होगा





उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इसी तरह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 13 फरवरी 2020 के आदेश के अनुसार प्रत्याशियों को विचाराधीन आपराधिक प्रकरणों एवं सजा प्राप्त प्रकरणों की जानकारी निर्धारित फॉर्मेट सी-1 में, समाचार पत्रों एवं टीवी चैनलों पर तीन बार अनिवार्य रूप से प्रकाशित -प्रसारित करनी होगी।





जानकारी प्रकाशन के तुरंत बाद संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को भी देना होगी। समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी का फोंट साइज कम से कम 12 का होना चाहिए। उन्होंने जानकारी प्रकाशित-प्रसारित कराने के संबंध में स्पष्ट किया है कि यदि नाम-निर्देशन पत्रों का विड्रावल 10 तारीख को है एवं मतदान 24 को है तो पहला प्रकाशन 11 तारीख से 14 तारीख के बीच कराना होगा। दूसरा प्रकाशन 15 से 18 तारीख के बीच तथा तीसरा एवं अंतिम प्रकाशन 19 से 22 तारीख के बीच में करवाना होगा।


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