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प्रशासन की छवि खराब कर रहे बी एम ओ नैनपुर,कोविड 19 की उड़ रही धज्जियां।

मंगलवार, 8 सितंबर 2020 | सितंबर 08, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:33:39Z
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Mandla ki taja khbr मण्डला जिले की नेंनपुर तहसील में चंद पैसे की खनक ने, नैनपुर बी एम ओ को चकाचोंध कर दिया और महज पेसो के लालच में 1 पोज़िटिव केस को अपने निज़ी क्लिनिक में एडमिट कर फिर कोरोना का नया रायता बिखर दिए, नैनपुर में,जब बी एम ओ उस मरीज की पोज़िटिव की खबर लगी तो घर मकान क्लिनिक के साथ सब को सेनेटाइजर किया खुद भी हुए और 5 कर्मचारी लगभग के साथ कल दोपहर होस्पिटल में खुद को कोरोना की जांच के सेम्पल दिए,बी एम ओ साहब कह रहे हैं कि :- कल से कोरोन टाइन हूँ जबकि कल ग्राम समनापुर में रात नाईट डयूटी भी कर कितने को सकर्मित करे होंगे पता, नही ये कोन सा कोरोनटाइन होता है।।जो जानते समझते हुए सँकर्मित हो भी गए और कर भी रहे हैं 🤔।





नेंनपुर हॉस्पिटल में कोरोना फैलाने की नैतिक जबाबदारी केवल बी एम ओ साहब की





होस्पिटल नैनपुर में कोरोना देने का यदि किसी की नैतिक जवाब दारी बनती है।।तो बी एम ओ नैनपुर की। भारत सरकार और डब्लू एच ओ की गाइड लाइन बोलती है यदि किसी का सेम्पल लिया तो वह सदेही होगा, तब तक घर या सरकारी संस्था में आप को कोरोनटेन होना है।।फिर भी बी एम ओ ने कर्मचारी से काम लिया नतीजा एक के बाद एक पोज़िटिव निकल गए शरद,सोनू,धनेन्द्र के बाद इनकी फेमली को भी परेशानी किया गया और पोज़िटिव हुए ,सिर्फ बी एम को के कारण ।





अब बड़ा सवाल है कि





ऐसे ही सिस्टर से काम लिया गया।सब की जांच हुई।ताजा मामला आया है वार्ड नं 14 का जहां केंदीय नोकरी में पदस्थ 1 कर्मी अपनी ड्यूटी से घर आया था उन की पत्नि भी बाहर डयूटी में है नर्स है।।जबअचानक तबियत खराब हुई तो बी एम ओ के निज़ी क्लिनिक में भर्ती हो गया 3 दिन बी एम ओ ने इलाज किया जब कुछ कोरोना के लक्षण दिखे तो उस की पत्नि से ही सेम्पल करवाया जो नर्स है।।और मण्डला सेम्पल भेज दिया जब रिपोर्ट पोज़िटिव आ गई तो बी एम ओ के होश उड गये जब तक तीन दिन 2,3,4,सितम्बर तक उस का इलाज किया 4 की शाम को सेंप्लिग गई, जो 5 को आ गई अब क्लिनिक में और रहे मरीज सब कोरोना की जद में आ गए काम वाली,कपड़े धोने वाली से लेकर आस पास जो मरीज भर्ती थे उसके साथ वाले सब सक्रमण की जद में आ गये।।किसी को नही पता की बी एम ओ के निज़ी क्लिनिक में कोरोना पॉज़िटिव है जिसका इलाज हुआ।आनन फानन में मरीज उमरिया शहडोल गया इलाज हेतू वहां भी डॉ ने हाथ खडे कर दिया उस के बाद जबलपुर में 4 होस्पिटल घूमते रहे जब किसी ने एडमिट नही किया तो फिर जबलपुर मेडीकल में एडमिट मरीज हुआ।।बड़ा सवाल ये है की इस मरीज के परिजन भी सकर्मित हो गए इस परिवार से 9 लोगो के सेंप्लिग गये है जिन की रिपोर्ट आने को है।





मण्डला तक में कोरोना कंफर्म टेस्टिंग किट नही है जो भोपाल से आने की है उस के बाद वह किट नैनपुर आयेगी जब रिपोर्ट आयेगी।





S.d.m. मण्डला ने ली बिन्दुवार जानकारी





पूरे मामले की यह शिकायत जन हित में पत्रकार दीपक शर्मा ने मण्डला कलेक्टर हर्षिका मेडम जी से की।बाद में बी एम ओ से इस मामले की जानकारी एस डी एम मेडम ने बिंदु वार ली।जिस पर 1 दिन मरीज भर्ती होना बताया गया जब की मरीज 3 दिन भर्ती रहा।





नेंनपुर के सजग पत्रकार श्री दीपक शर्मा जी के अनुसार





बी एम ओ नेंनपुर ने ,न कोई रिकॉर्ड संधारण किया,जो कि ब्लड सेम्पल एक्सरा बी एम ओ की निज़ी क्लीनिक में होता है उस में जुड़े लोगों के पास कोई योग्यता भी नही है।सीखने की प्रयोग शाला में मरीजो की जान से खिलवाड हो रहा है।जिन केसों में एम एल सी होंने की जरूरत होती है उस को भी रुपये लेकर थाने में नही जानकारी दी जाती है ।





अवैध क्लिनिक चला रहे है बी एम ओ नेंनपुर





नियम अनुसार जो बी एम ओ क्लिनिक चला रहे है वो अवैध है।जिस की जांच जिला प्रशासन ने नही की इसी क्लिनिक की झील में झोला छाप के बिगड़े केस भर्ती होते है बाद में जब यहाँ से भी नही सम्भलते तो वो सरकारी होस्पिटल में पटक दिया जाता है जो मर भी गये तो ढक जाते है। जो लाइन यहाँ लिखी जा रही है उस के पूर्ण सबूत है पास में।जिम्मेदार पद पर बैठे बी एम ओ की छोटी और सकुंचित कार्य प्रणाली पर जिला कलेक्टर मेडम जी ध्यान दे नही तो नैनपुर में कोरोना फैलता ही रहेगा।