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क्या है धारा-188 ? जानते है Section-188 के बारे है ?

रविवार, 19 अप्रैल 2020 | अप्रैल 19, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:32:10Z
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धारा-188 (Section-188) | useful Information





भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (Section-188 ) तब लागू की जाती है जब जिले के लोक सेवक (Public Servant) जो कि एक आईएएस ( ias ) अफसर होता है, के द्वारा किसी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए लोगों को किसी विशेष आदेश को, (जैसे एक जगह पर इकठ्ठा ना होना, जुलूस ना निकालने, किसी अन्य कार्य से बचने या प्रबंधाधीन किसी संपत्ति के बारे में कोई विशेष व्यवस्था करने के लिये निर्दिष्ट किया गया है) जारी किया जाता है





कोरोना वायरस के माहौल में सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोसिस की जा रही है , भारत में 21 दिन के पहले लॉकडाउन की घोषणा महामारी कानून (Epidemic Diseases Act, 1897) के तहत की गयी थी और अब इसे बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया है इस कानून में कई सख्त प्रावधान हैं.






बम के प्रकार तथा बम से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी |bom full form





Epidemic Diseases Act, 1897





जैसे:- अगर सरकार ने Epidemic Diseases Act, 1897 का सेक्शन 3 लागू कर दिया तो महामारी के संबंध में सरकारी आदेश या किसी पब्लिक सर्वेंट का आदेश न मानना अपराध होगा और इस अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता यानी इंडियन पीनल कोड की धारा 188 ( Section-188) के तहत सज़ा मिल सकती है





चूंकि इस बीमारी का अभी कोई पक्का इलाज नहीं है इसलिए सरकार ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ और लॉकडाउन के माध्यम से इस पर काबू पाने की कोशिश कर रही है यदि कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ IPC के सेक्शन 188 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाती है





पहला प्रावधान :-यदि लोग, सरकार या किसी अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों का उल्लंघन करते हैं, या कानून व्यवस्था में लगे अधिकारी|कर्मचारी को नुकसान पहुंचता है, तो कम से कम एक महीने की जेल या 200 रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकता है





दूसरा प्रावधान :-लोगों द्वारा सरकार या पब्लिक सर्वेंट के आदेश का उल्लंघन किए जाने से सुरक्षा व्यवस्था, मानव जीवन, स्वास्थ्य, आदि को खतरा होता है, तो कम से कम 6 महीने की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों हालाँकि दोनों ही स्थिति में जमानत मिल सकती है





धार्मिक जुलूस पर भी हो सकती है सजा | Section-188





यहां तक कि किसी के ऊपर ये धारा लगाने व कानूनी कार्रवाई करने के लिए ये भी जरूरी नहीं कि उसके द्वारा नियम तोड़े जाने से किसी का नुकसान हुआ हो या नुकसान हो सकता हो अर्थात इस सेक्शन के तहत किसी के खिलाफ तब भी कार्रवाई हो सकती है जब वह यह जनता हो कि उसके द्वारा इस नियम को तोड़ने से फलां नुकसान हो सकता है





यदि एक लोक सेवक द्वारा यह आदेश दिया गया है कि एक धार्मिक जुलूस एक निश्चित सड़क से नहीं गुजरेगा यदि फिर भी कोई व्यक्ति जानबूझकर आदेश की अवज्ञा करता है, और जिससे दंगे का खतरा होता है या कोई बीमारी फ़ैल सकती है, तो ऐसा व्यक्ति इस सेक्शन के तहत दंड का भागी होगा





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