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गणतंत्र दिवस का इतिहास, संविधान का निर्माण |Republic Day

शनिवार, 25 जनवरी 2020 | जनवरी 25, 2020 WIB Last Updated 2021-04-01T09:32:01Z
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happy Republic Day





Republic Day के अवसर पर ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे. भारत में यह उनका पहला राजकीय दौरा है.





भारत प्रत्येक वर्ष इस दिन गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाता है. वर्ष 2020 में 71वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान (Indian Constitution) देश भर में लागू हुआ था जिसके उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष इसी दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. हालांकि, भारतीय संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया.





इस दिन राजपथ पर देश की तीनों सेनाओं द्वारा परेड आयोजित की जाती है तथा देश के राज्य अपनी झांकियां प्रस्तुत करते हैं. इस वर्ष मुख्य अतिथि के रूप में ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे. यह भारत में राष्ट्रपति बोलसोनारो का पहला राजकीय दौरा है. इससे पहले 1996 और 2004 में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ब्राजील के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि रह चुके हैं.





गणतंत्र दिवस का इतिहास (History of Republic Day)





डॉ. भीमराव अंबेडकर के मार्गदर्शन में संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार किया गया था. वर्ष 1929 में आयोजित लाहौर में पंडित जावरहलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन किया गया. इस अधिवेशन में यह घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमिनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को स्‍वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा. जब 26 जनवरी 1930 अंग्रेजी सरकार ने भारत को डोमिनियन घोषित नहीं किया तो उस दिन से ही सक्रिय आन्दोलन की शुरुआत की गई.





भारत के संविधान की जानकारी





भारत की संविधान सभा में डॉ. भीमराव अंबेडकर के अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे. इस सभा ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में भारतीय संविधान तैयार किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को इसे सौंपा गया.





इसके उपरांत इसमें विभिन्न सुझावों के माध्यम से कुछ सुधार और बदलाव किये गये. तदोपरांत 26 जनवरी 1950 को इसे देश द्वारा अंगीकृत किया गया. उसी दिन से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा.





गणतंत्र दिवस से जुड़ी अन्य जानकारी





गणतंत्र दिवस परेड प्रत्येक वर्ष राजपथ पर आयोजित की जाती है. यह परेड आठ किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरती है.
देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड 26 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित की गई थी.
इस अवसर पर राष्ट्रगान की धुन बजने पर 21 तोपों की सलामी दी जाती है. यहां विभिन्न झांकियों द्वारा देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाता है.
प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह शुरु होने पर देश के वीर जवानों को वीरता पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं.





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