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Economics in hindi | अर्थव्यवस्था क्या है ? यह कितने प्रकार की होती है ?

सोमवार, 14 अक्तूबर 2019 | अक्तूबर 14, 2019 WIB Last Updated 2021-04-01T09:31:53Z
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Economics in hindi :- अर्थव्यवस्था क्या है? अर्थशास्त्र (economy) मानव की आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन करता है ,मानव द्वारा संपन्न वैसी सारी गतिविधियां जिनमें आर्थिक लाभ या हानि का तत्व विद्यमान हो आर्थिक गतिविधियां कहीं जाती हैं .

 

अर्थव्यवस्था ( Economics in hindi ) एक अधूरा शब्द है अगर इसके पूर्व किसी देश या किसी क्षेत्र विशेष का नाम ना जोड़ा जाए ! वास्तव में जब हम किसी देश को उसकी समस्त आर्थिक क्रियाओं के संदर्भ में परिभाषित करते हैं तो उसे अर्थव्यवस्था (economy) कहते हैं। आज हम जानेंगे :-


अर्थव्यवस्था क्या है ?Economics in hindi



आर्थिक क्रिया किसी देश के व्यापारिक क्षेत्र घरेलू क्षेत्र तथा सरकार द्वारा दुर्लभ संसाधनों के प्रयोग वस्तुओं तथा सेवाओं के  उपभोग उत्पादन तथा वितरण से संबंधित है ।निजी क्षेत्र और बाजार के सापेक्ष राज्य सरकार की भूमिका के आधार पर अर्थव्यवस्थाओं का वर्गीकरण 3 श्रेणियों में किया जाता है-



  • पूंजीवादी अर्थव्यवस्था (capitalist economy)

  • राज्य अर्थव्यवस्था (State economy)

  • मिश्रित अर्थव्यवस्था (mixed economy)


पूंजीवादी अर्थव्यवस्था capitalist economy


इस अर्थव्यवस्था में क्या उत्पादन करना है , कितना उत्पादन करना है ,और उसे किस कीमत पर बेचना है ,यह सब बाजार तय करता है, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है ।

 

नोट:- 1776 ई. में प्रकाशित एडम स्मिथ की किताब 'द वेल्थ ऑफ नेशंस' को  पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का उद्गम स्रोत माना जाता है ।

राज्य अर्थव्यवस्था State economy


इस अर्थव्यवस्था की उत्पत्ति पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की लोकप्रियता के विरोध स्वरूप हुआ । इसमें उत्पादन आपूर्ति और कीमत सब का फैसला सरकार द्वारा लिया जाता है.ऐसी अर्थव्यवस्थाओं को केंद्रीकृत नियोजित अर्थव्यवस्था कहते हैं जो गैर बाजारी अर्थव्यवस्था होती है । राज्य अर्थव्यवस्था की दो अलग-अलग शैली नजर आती हैं , सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था को समाजवादी अर्थव्यवस्था कहते हैं

 

जबकि 1985 ईस्वी से पहले चीन की अर्थव्यवस्था को साम्यवादी अर्थव्यवस्था कहते हैं समाजवादी अर्थव्यवस्था में उत्पादन के साधनों पर सामूहिक नियंत्रण की बात शामिल थी और अर्थव्यवस्था को चलाने में सरकार की बड़ी भूमिका थी।  वही साम्यवादी अर्थव्यवस्था में सभी संपत्तियों पर सरकार का नियंत्रण था और श्रम संसाधन भी सरकार के अधीन थे ।

 

नोट:- पहली बार राज्य अर्थव्यवस्था सिद्धांत जर्मन दार्शनिक कार्ल मार्क्स ( 1818 से 1883 ईसवी ) ने दिया था , जो एक व्यवस्था के तौर पर पहली बार 1917 ईस्वी की बोल्शेविक क्रांति के बाद सोवियत संघ में नजर आई और इसका आदर्श रूप चीन (1949) में सामने आया।

मिश्रित अर्थव्यवस्था (mixed economy)


इसमे कुछ लक्षण राज्य अर्थव्यवस्था के मौजूद होते हैं , तो कुछ लक्षण पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के । यह दोनों का मिला जुला रूप है । विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद उपनिवेशवाद के चंगुल से निकले दुनिया के कई देशों ने मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया । इनमें भारत, मलेशिया एवं इंडोनेशिया जैसे देश शामिल है ।

 

नोट:- केन्स ने सुझाव दिया था कि पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को समाजवादी अर्थव्यवस्था की ओर कुछ कदम बढ़ाना चाहिए जबकि प्रो. लांज ने कहा था कि समाजवादी अर्थव्यवस्था को पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ाना चाहिए ।

 



 



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