पाकिस्तान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है |एफएटीएफ-एपीजी ने किया ब्लैक लिस्ट


पाकिस्तान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टाक्स फोर्स (FATF) की क्षेत्रीय इकाई एशिया पैसिफिक ग्रुप ने आज टेरर फंडिंग पर लगाम लगा पाने में नाकाम रहने पर पाकिस्‍तान को Blacklistमें डाल दिया।





दुनिया में चौतरफा घिरे पाकिस्तान को एक बार फिर से तगडा़ झटका लगा है । इस बार उसे झटका दिया है एफएटीएफ एशिया-पैसिफिक ग्रुप ने। आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने और धन शोधन पर निगरानी रखने वाली वैश्विक निगरानी संस्था ‘फिनांशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (एफएटीएफ) के एशिया-प्रशांत समूह ने पाकिस्तान को काली सूची में डाल दिया है। 





रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एफएटीएफ एशिया-पैसिफिक ग्रुप के  मानकों को पूरा करने में विफल साबित हुआ है और इसलिए उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। पाकिस्तान को ‘इन्हांस्ड एक्सपेडाइट फॉलो अप लिस्ट’ (ईईएफयूपीएल) में डालते हुए एशिया प्रशांत समूह ने यह भी पाया कि पाकिस्तान ने धन शोधन और आतंकवाद के वित्त पोषण संबंधी 40 अनुपालन मानकों में से 32 का पालन नहीं किया। आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैयाकराना और धन शोधन के 11 प्रभावी मानकों में से पाकिस्तान 10 में खरा नहीं उतर पाया।एफएटीएफ एपीजी की बैठक ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में आयोजित की गई। शुक्रवार को समाप्त हुई बैठक में दो दिन में करीब सात घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा चली। पाकिस्तान के अनुपालन रिकॉर्ड की समीक्षा वाली कार्रवाई अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ने पेश की।





भारत एपीजी और एफएटीएफ दोनों का सदस्य है। इस बैठक में गृह, विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की टीम ने प्रतिनिधित्व किया। पाकिस्तान को अक्टूबर में काली सूची में जाने से बचने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। अक्टूबर में एफएटीएफ की 27 बिंदु कार्ययोजना की समय-सीमा समाप्त हो जाएगी।अब ये माना जा रहा है कि पाकिस्तान एफएटीएफ की ‘काली सूची’ में जा सकता है। जानकारों के मुताबिक आज का फैसला काफी अहम है और पाकिस्तान के लिए ये काफी मुश्किल होने वाला है।





तमाम देशों के दबाव के बाद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) पाकिस्तान को जून 2018 से संदिग्ध सूची में डाल चुका है. एपीजी की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिकूल तथ्य पाए जाने के बाद अक्टूबर 2019 से उसे नकारात्मक रडार पर रखा जाएगा. इसके मायने हैं कि पाक के लिए दिक्कतें और बढ़ेंगी।






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